१.६ – युधामन्युश्च

श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः

अध्याय १

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श्लोक

युधामन्युश्च विक्रान्त उत्तमौजाश्च वीर्यवान् ।
सौभद्रो द्रौपदेयाश्च सर्व एव महारथाः ॥

पद पदार्थ
विक्रांत: – विजयी
युधामन्यु: च – और युधामन्यु
वीर्यवान् – जिसमें वीरता हो
उत्तमौजाः च – उत्तमौजा नाम राजा
सौभद्र: – सुभद्रा के पुत्र अभिमन्यु
द्रौपदेय:- द्रौपदी के 5 पुत्र जिनको युवा पाण्डव कहते हैं
एव – सब
महारथा: – महारथ हैं (महान योद्धा – महान योद्धाओं को महारथ कहा जाता है )

सरल अनुवाद

विजयी युधामन्यु, वीरतापूर्ण उत्तमौजा नाम के राजा, सुभद्रा के पुत्र अभिमन्यु, द्रौपदी के 5 पुत्र जिन्हें युवा-पाण्डव कहा जाता है, ये सभी महारथ हैं।

>>अध्याय १ श्लोक ७

अडियेन् कण्णम्माळ् रामानुजदासि

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