१.४ – अत्र शूरा

श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः

अध्याय १

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श्लोक
अत्र शूरा महेष्वासा भीमार्जुन समा युधि ।
युयुधानो विराटश्च द्रुपदश्च महारथः ॥

पद पदार्थ
महेश्वासा: – महान धनुर्धर
युधि – लड़ाई/युद्ध से संबंधित मामलों में
भीमार्जुन समा: – भीम और अर्जुन के समान
शूरा : – राजा जो महान योद्धा हैं
अत्र – इस सेना में (उपस्थित)
युयुधानो – सात्यकि
विराट: च – विराट राज्य के राजा
महारथ:- महान रथ योद्धा
द्रुपद : – द्रुपद, पांचाल राज्य के राजा

सरल अनुवाद

इस सेना में , महान धनुर्धर, जो युद्ध /युद्धके मामलों में भीम और अर्जुन के समान हैं, सात्यकी जैसे महान योद्धा हैं, विराट राज्य के राजा , और पांचाल राज्य के राजा और महान रथि (योद्धा ) द्रुपद , उपस्तिथ हैं |

>>अध्याय १ श्लोक १.५

अडियेन् कण्णम्माळ् रामानुजदासि

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