९.१३ – महात्मानस् तु माम् पार्थ
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः अध्याय ९ << अध्याय ९ श्लोक १२ श्लोक महात्मानस्तु मां पार्थ दैवीं प्रकृतिमाश्रिता : |भजन्त्यनन्यमनसो ज्ञात्वा भूतादिमव्ययम् || पद पदार्थ पार्थ – हे कुन्तीपुत्र!दैवीं प्रकृतिं आश्रिता: – जिन्होंने दिव्य स्वभाव प्राप्त कर लिया हैमहात्मान: तु – ज्ञानी, जो महान आत्माएँ हैंमां – मुझेभूतादिं – सभी वस्तुओं … Read more