१३.११ – अध्यात्मज्ञाननित्यत्वम्
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः अध्याय १३ << अध्याय १३ श्लोक १० श्लोक अध्यात्मज्ञाननित्यत्वं तत्वज्ञानार्थदर्शनम् |एतत् ज्ञानमिति प्रोक्तमज्ञानं यदतोऽन्यथा || पद पदार्थ अध्यात्म ज्ञान नित्यत्वम् – आत्मा के बारे में ज्ञान की खोज में सदैव लगे रहनातत्त्व ज्ञानार्थ (दर्शनम्) चिंतनम् – सच्चा ज्ञान प्राप्त करने के लिए ध्यान करनाएतत् – … Read more