१६.२ – अहिंसा सत्यम् अक्रोध:
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः अध्याय १६ << अध्याय १६ श्लोक १ श्लोक अहिंसा सत्यमक्रोधस्त्यागः शान्तिरपैशुनम्।दया भूतेष्वलोलुप्त्वं मार्दवं ह्रीरचापलम्।। पद पदार्थ अहिंसा – किसी भी प्राणी को कष्ट न पहुँचानासत्यं – सत्य बोलना जिससे सभी प्राणियों का कल्याण होअक्रोध: – क्रोध (जिससे दूसरों को हानि पहुँचती है) न करनात्याग: – त्यागना … Read more