११.११ – दिव्य माल्याम्बरधरम्
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः अध्याय ११ << अध्याय ११ श्लोक १० श्लोक दिव्य माल्याम्बरधरं दिव्य गंधानुलेपनम् |सर्वाश्चर्यमयं देवम् अनन्तं विश्वतोमुखम् || पद पदार्थ दिव्य माल्य अंबरधरम् – दिव्य मालाओं और वस्त्रों से सुशोभित गयादिव्य गंध अनुलेपनम् – दिव्य चंदन लेप आदि से अभिषेक कियेसर्व आश्चर्यमयम् – सभी अद्भुत सत्ताओं/पहलुओं का … Read more