१३.१ – इदं शरीरं कौन्तेय
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः अध्याय १३ << अध्याय १२ श्लोक २० श्लोक श्री भगवानुवाचइदं शरीरं कौन्तेय क्षेत्रम् इत्यभिधीयते |एतद्यो वेत्ति तं प्राहु: क्षेत्रज्ञ इति तद्विद: || पद पदार्थ श्री भगवान उवाच – श्री भगवान बोलेकौन्तेय – हे अर्जुन!इदं शरीरं – यह शरीरक्षेत्रम् इति – क्षेत्र के रूप में (आत्मा के … Read more