९.४ – मया ततम् इदं सर्वम्
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः अध्याय ९ << अध्याय ९ श्लोक ३ श्लोक मया ततमिदं सर्वं जगदव्यक्तमूर्तिना |मत्स्थानि सर्वभूतानि न चाहं तेष्ववस्थितः || पद पदार्थ इदं सर्वं जगत् – ये सभी संसार (जो चेतन (संवेदनशील वस्तु ) और अचेतन (असंवेदनशील वस्तु) से बने हैं)अव्यक्त मूर्तिना मया – मेरे अन्तर्यामी रूप से … Read more