३.३० – मयि सर्वाणि कर्माणि
श्री: श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः अध्याय ३ << अध्याय ३ श्लोक २९ श्लोक मयि सर्वाणि कर्माणि सन्नयस्याध्यात्मचेतसा ।निराशीर्निर्ममो भूत्वा युध्यस्व विगतज्वरः ॥ पद पदार्थ आध्यात्म चेतसा – आत्मा के बारे में परिपूर्ण ज्ञान के साथसर्वाणि कर्माणि – सारे कर्तव्यमयि – मुझमे ( मैं जो सबका अन्तर्यामी हूँ )संन्यस्य – अच्छी तरह … Read more